क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को ‘कौशल भारत’ योजना का ब्रांड अम्बेसडर बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि रोजगार बाजार में जो लाखों युवा आ रहे हैं, उन्हें बाजार के लिहाज़ से पूरी तरह से उपयुक्त बनाने के लिए मन: स्थिति में बदलाव लाने की जरुरत है।
सचिन को अभियान के साथ जोड़ने पर एमएसडीई मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सचिन की कहानी हमारे समय की सर्वश्रेष्ठ कहानी है। वह उनमें से हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा का बखूबी इस्तेमाल किया है। वह वैश्विक स्तर के ब्रांड हैं जिसने अपने कौशल से क्रिकेट की सेवा की है और काफी लोगों को प्रेरित किया है।
उन्होंने अभियान के लिए कौशल प्रशिक्षण में केवल बढ़ई जैसी चीज़ों को रेखांकित करने पर भी केंद्र को आड़े हाथ लिया। सम्मेलन में सिसोदिया ने कहा, जब हम कौशल की बात करते हैं, समस्या यह है कि कौशल का मतलब बढ़ई या बेल्डिंग करना मान लिया गया है। कौशल भारत के लिए सचिन जैसी हस्ती ब्रांड एंबेसडर बनती है, तो कौशल विकास को बढ़ावा देगी। कहा हमें 10वीं 12वीं के छात्रों को कुशल बनाना हैं, अपने बेटे या बेटी को बढ़ई या वेल्डिंग वाला बनाइए।
सचिन ने इस पर कहा कि जब मेरे पास स्किल इंडिया का प्रस्ताव आया तब मुझे एहसास हुआ कि यह व्यक्ति के विकास के लिए जरूरी है इसलिए इसकी कीमत को समझना चाहिए और निखारना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम युवा राष्ट्र हैं और हमारे अंदर प्रतिभा है।
स्किल इंडिया सभी के लिए बड़ा मौका है। स्किल इंडिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजना है जिसका मकसद 2022 तक 40.2 करोड़ लोगों को अलग-अलग कौशल सिखाना है।




























