फ़िरोज़शाह कोटला में आखिरकार टीम इंडिया का रिकॉर्ड टूट ही गया। 11 साल के इस रिकॉर्ड को तोड़ने वाली कोई और नहीं बल्कि वो ही न्यूज़ीलैंड है जो टेस्ट सीरीज में 0-3 से हारी थी और धर्मशाला में पहले वनडे में बुरी तरह से हारी थी।
न्यूज़ीलैंड के कप्तान कैन विलियम्सन ने (118) रन की नवाज़ पारी खेली और अपना शतक पूरा किया इसी के साथ नो विकेट पर 242 रन बनाए। लेकिन दूसरी तरफ भारतीय टीम ने 43.3 ओवरों में 236 रन ही बना सकी। न्यूज़ीलैंड की इस सीरीज में पहली जीत है।
कोटला के मैदान पर कोहली महज़ नौ रन बनाकर आउट हो गए। अपने पहले वनडे में तीन विकेट और 49 रनों की पारी खेलने वाले हार्दिक पांड्या जीत तो नहीं दिला पाए, लेकिन उन्होंने यह जरूर बता दिया कि वह टीम के लिए एक बेहतर खिलाड़ी हैं।
धोनी के 39 रनों पर आउट होने के बाद भारत को जीत के लिए 63 गेंदों 71 रनों की दरकरार थी।इसके बाद अक्षर पटेल और अमित मिश्रा भी जल्द आउट हो गए। लेकिन पांड्या ने नवाज़ 48 गेंदों में 49 रनों की शानदार पारी खेल कर भारत की उम्मीदें जगा दी, लेकिन तभी बोल्ट ने पंड्या को आउट कर भारत की उम्मीदें तोड़ दी इसके बाद अंतिम ओवर में 10 रन की जरुरत थी।
लेकिन साउथी ने यहां बुमराह को आउट करके न्यूज़ीलैंड के नाम दौरे की पहली जीत दिल दी। और दिल्ली वनडे जीतकर न्यूज़ीलैंड पांच मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबर पर आ गई हैं।
























